लखीमपुर खीरी

दुधवा में बाघ की साइटिंग बढ़ी, पर्यटक हो रहे रोमांचित…..

संवाददाता-रिज़वान अली

दुधवा में बाघ की साइटिंग बढ़ी, पर्यटक हो रहे रोमांचित…..

पलिया कलां वैसे तो दुधवा टाइगर रिजर्व प्रभाग पलिया बेशकीमती वृक्षों से समृद्ध होने के साथ-साथ विभिन्न प्रजातियों के पशु पक्षियों से भी समृद्ध है, परंतु यदि दुधवा भ्रमण के दौरान कतिपय कारणों से बाघ के दीदार ना हो पाए तो पर्यटकों को ऐसा लगता है, जैसे उनकी दुधवा भ्रमण की यात्रा अधूरी सी रह गई। वैसे हमारे देश के जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़े सूबे में बाघों की बाहुल्यता दुधवा राष्ट्रीय उद्यान के अतिरिक्त और कहीं नहीं है। शायद यही वजह है कि सैलानियों को यदि वास्तविक प्राकृतिक सौंदर्य दर्शन के साथ बाघ दर्शन की जरा सी भी चाहत होती है तो, वह लोग दुधवा को सबसे मुफीद समझते हुए बरबस चले आते हैं। दुधवा की प्रकृति की गोद में अंगड़ाते, इठलाते चलते हुए बाघों को देखकर शायद ही कोई ऐसा सैलानी होगा जो बिना मंत्रमुग्ध हुए रह जाए। सैलानियों को जब भी बाघ के स्वछंद विचरण करते हुए दर्शन होते हैं तो वह उसकी हर एक गतिविधि को संजोकर रखने के लिए आतुर रहते हैं। यदि किसी की भी ऐसी ही कोई जिज्ञासा इस समय बलवती हो रही हो, तो वास्तव में गतिविधियों को दृष्टिगत रखते हुए सही समय लग रहा है। वैसे तो वन्य जीवों के साथ साथ बाघ के दीदार ऐसे समय में होने की संभावनाएं अधिक रहती हैं, जब तापमान में थोड़ी वृद्धि हो। वर्तमान दिनों में मौसम ने अचानक परिवर्तन हो जाने के चलते अनुकूलन की स्थिति बन गई है। शायद इसीलिए इस समय दुधवा टाइगर रिजर्व में भ्रमण हेतु आ रहे पर्यटकों को खूब बाघ के दीदार हो रहे हैं, चाहे वह दुधवा का सलूकापुर प्रक्षेत्र हो अथवा किशनपुर क्षेत्र हर जगह बाघ के दर्शन होने से जहां एक ओर पर्यटक रोमांचित हैं वहीं लोगों में पर्यटन भ्रमण बढ़ने जिज्ञासाएं बलवती होने की पूर्ण संभावना है।

बेनकाब भ्रष्टाचार

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