बहराइच

प्रसवों के लिए डीएम के भगीरथ प्रयासों का दिखने लगा रंग

प्रसवों के लिए डीएम के भगीरथ प्रयासों का दिखने लगा रंग
नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार से मिली शाबासी
मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कान्त ने भी थपथपाई पीठ
बहराइच । आकांक्षात्मक जनपद बहराइच में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाये जाने तथा पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं का भरपूर लाभ जननी व नवजात शिशु को प्रदान किये जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शम्भु कुमार द्वारा निरन्तर किये जा रहे प्रयास अब अपना रंग बिखेरने लगे हैं। जनपद में अवस्थित उप स्वास्थ्य केन्द्रों का कायाकल्प अन्तर्गत कराये गये सुदृढ़ीकरण एवं संसाधनों से आच्छादित कर एएनएम की उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर उपस्थिति सुनिश्चित कराये जाने से जनपद के सुदूर क्षेत्रों में संस्थागत प्रसवों की संख्या में गुणात्मक इज़ाफा दर्ज किया गया है।
जनपद द्वारा अर्जित की गयी इस उपलब्धि के लिए नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार व मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कान्त द्वारा जिलाधिकारी बहराइच शम्भु कुमार के कुशल नेतृत्व में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द चैहान तथा मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. सुरेश सिंह द्वारा किये गये प्रयासों की सराहना की गयी है।
उल्लेखनीय है कि आर्थिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े आकांक्षात्मक जनपद बहराइच के लिए नीति आयोग द्वारा निर्धारित इंडीकेटर्स पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि जिले की विशेष भौगोलिक परिस्थिति जहाॅ का ज्यादातर सुदूर क्षेत्र वनों से आच्छादित है, आस-पास संस्थागत प्रसव की सुविधा उपलब्ध न होने के कारण लोग असुरक्षित/घरेलू प्रसव को तरजीह दे रहे हैं। जिस कारण से जहाॅ एक ओर जनपद में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर भी अधिक है वहीं दूसरी ओर नवजात बच्चों व धात्री महिलाओं के समक्ष पोषण जैसी बाधा भी खड़ी है।
नीति आयोग द्वारा स्वास्थ्य व पोषण के लिए निर्धारित सूचकाॅकों में सुधार के लिए जिलाधिकारी ने एक मास्टर स्ट्रोक के सहारे 100 समस्याओं का एक कारगर हल तलाश करते हुए योजना कायाकल्प के सहारे जिले में अवस्थित सभी 99 उप स्वास्थ्य केन्द्रों का कायाकल्प ही नहीं कराया बल्कि वहाॅ पर संस्थागत प्रसव तथा इलाज के लिए सभी मूलभूत संस्थाधनों व उपकरणों की उपलब्धता तथा राउण्ड-द्-क्लाक ए.एन.एम की उपस्थिति सुनिश्चित कराते हुए उप स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरी तरह से क्रियाशील कर दिया गया है। ताकि आस-पास के ग्रामवासियों को संस्थागत प्रसवों की सुविधा उनके द्वार पर मिले और उन्हें असुरक्षित व घरेलू प्रसव के लिए मजबूर न होना पड़े।
जिलाधिकारी शम्भु कुमार के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द चैहान व मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ. सुरेश सिंह की कोशिशों का नतीजा है कि जनपद में स्वास्थ्य उप केन्द्रों पर माह जनवरी 2020 में 924 संस्थागत प्रसव दर्ज किये गये हैं। उप स्वास्थ्य केन्द्रों पर विगत 07 माह के संस्थागत प्रसवों के आॅकड़ों की बात की जाये तो माह जुलाई 2019 में 606, अगस्त में 597, सितम्बर में 766, अक्टूबर में 677, नवम्बर में 764, दिसम्बर 2019 में 788 संस्थागत प्रसव कराये गये हैं।
ज्ञातव्य हो कि विगत 19 दिसम्बर 2019 को यूनिसेफ की राज्य स्तरीय टीम चीफ फील्ड ऑफिसर रूथ लियानों व पोषण विशेषज्ञ डाॅ. रिचा पाण्डेय ने भी जिलाधिकारी द्वारा संस्थागत प्रसवों के सम्बन्ध में किये जा रहे प्रयासों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इस दिशा में यूनीसेफ की ओर से भी हर संभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया गया था।
रेपोर्टर आनन्द पाण्डेय महसी संवाददाता

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