उत्तर प्रदेशचित्रकूट

*भारतीय रेल बनी शापिंग कांप्लेक्स*

*भारतीय रेल बनी शापिंग कांप्लेक्स*

*मानिकपुर चित्रकूट*

*भारतीय रेल बनी शापिंग कांप्लेक्स*

*यात्रियों की मानें तो भारतीय रेल बनी शॉपिंग कांप्लेक्स जहां पर ट्रेन के अंदर,पावर बैंक, मेमोरी कार्ड, इयरफोन,रात्रि में लाइट वाले,कम्बल,ऊनीटोपा,चादर,पेठा खिलौने,घड़ी,टार्च,बेल्ट,चना,
मूगफली,चाय से लेकर गुटखा सिगरेट,ब्रस, मंजन,जीभी,चाबी का छल्ला व बाल धोने की रबड़ तक उपलब्ध मिलती हैं
ट्रेनों के अन्दर यात्री अपने आप असुरक्षित महसूस करते हैं
सुबह से लेकर शाम तक शाम से लेकर रात तक धड़ल्ले से फल-फूल रहा अवैध वेंडरों का गोरखधंधा
सूत्रों की मानें तो रेल्वे पुलिस सतना से मानिकपुर जं. तक के लिए ट्रेनों में अवैध वेण्डरों का लेती है ठेका
सूत्रों की माने तो मानिकपुर और सतना G.R.P. व R.P.F. को दिया कई लाख रुपये जिसमे उक्त ठेकेदार के गुर्गे बिना किसी भय के ट्रेनों में अवैध रूप से बेच रहे हैं घटिया किस्म की सामग्री मनमाने रेट पर बेंच रहे हैं
याद हो विगत कई बार यही अवैध वेण्डर ट्रेनों में लूटपाट व डकैती की घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं जिस बात को रेल्वे के आला अधिकारी भी मान चुके हैं कि ज्यादातर घटनाएं ट्रेनों में चलने वाले अवैध वेण्डर ही करते हैं।
रेल्वे ट्रेनों में पुनः किसी बड़ी घटना होने की प्रतीक्षा कर रहा है
सतना से मानिकपुर के बीच लगभग हर नानस्टापेज ट्रेन चैन पुलिंग कर ये अवैध वेण्डर आराम से उतरते हैं
सवाल यह उठता है कि क्या रेल्वे के जिम्मेदार अधिकारी इस गोरखधंधे को बंद करवा पायेंगे अथवा अपना हिस्सा लेकर आंख बंद कर लेंगे।
*रिपोर्ट*
रहमत अली
*चित्रकूट*

बेनकाब भ्रष्टाचार

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