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सिंघाही :- बच्चों को चोरी करने की अफवाहों ने लोगों को परेशान कर दिया।

रिपोर्ट रिजवान अली

संवाददाता। रिजवान अली

*बच्चों को चोरी करने की अफवाहों ने लोगों को परेशान कर दिया*

सिंगाही खीरी बच्चों को चोरी करने की अफवाहों ने लोगों को परेशान कर दिया है। स्कूल से छुट्टी होने के बाद बच्चा जब तक घर नहीं लौटता, तब तक अभिभावकों को उनकी चिता सताती रहती है। इससे स्कूल संचालक भी टेंशन में हैं। स्कूलों से बच्चों के घर मैसेज भेजे जा रहे हैं कि जिस स्टॉपेज पर बस रुकती है वहां से अपने बच्चे को साथ ले जाएं। सोशल मीडिया पर बच्चों को चोरी करने की अफवाहों का दौर रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
कस्बे में तीन घटनाएं, तीनो झूठी
कस्बे में एक सप्ताह में बच्चा चोरी की तीन घटनाएं सामने आई। बीस अगस्त को मेला मैदान के पास सुबह नो बजे बच्चा चोरी करने वाले को देखा गया। जांच में पता चला कि जिसे बच्चा चोर बताया गया था वो खबर भी फ़र्ज़ी निकली वो उसी दिन वार्ड नं छ में दिन के ग्यारह बजे भी एक युवक को देख बच्चे शोर मचा दिया। वहां पर मौजूद लोगों ने उस युवक की पिटाई कर दी पुलिस मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे थाने ले गई जिससे कि पता चला कि उसका मानसिक रूप से परेशान था जांच की तो पता चला बच्चा उसे देख डर गया था 21 अगस्त को कस्बे के भेड़ौरा निवासी सुु्शील का पुत्र जीतू ले जाने की बात करने लगा। बच्चे के शोर मचाने पर वहां पर भीड़ एकत्रित हो गइ्र। एक आरोपी ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गया। नाराज ग्रामीणों ने उसकी जमकर पिटाई करने लगे मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे थाने ले गई पर उसमें भी यही पता चला कि उसका मानसिक संतुलन खराब था
शनिवार को थानाध्यक्ष अजय कुमार राय ने प्रेसवार्ता कर अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और इसके निराकरण के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही। उन्होंने ने कहा अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। भीड़ एकत्र करने और शांति भंग करने वालों काे पुलिस सख्ती से पकड़ेगी। बच्चा चोरी होने या कोई संदिग्ध दिखने पर उसके साथ मारपीट नहीं करना है। बल्कि पुलिस को इसकी सूचना देना जरूरी है। मारपीट करना कानून का उल्लघंन है। इसके लिए उन लोगों पर ही कार्रवाई होगी। क्षेत्र में बच्चों को उठाने संबंधी जो भ्रामक अफवाहें और प्रचार सोशल मीडिया पर चल रहा है, वह गलत है। इस प्रकार का कोई गैंग नहीं है और न ही किसी तरह के बच्चों के अपहरण का मामला है। और अभी तक थाने में बच्चा चोरी करने की कोई शिकायत नहीं आई है। जो मामले सामने आए थे उनमें आरोपित मानसिक रूप से परेशान निकले।ग्रामीणों व कस्बेवासियों को अफवाहों से बचने और कानून अपने हाथ में न लेने की हिदायत दी गई है। यदि लोग किसी संदिग्ध को देखते हैं तो वे इसकी सूचना तुरंत थाने में दें। इसके अलावा पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई हैं।

बेनकाब भ्रष्टाचार

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