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गोण्डा जनपद में मध्यरात्रि छपरा ग्वालियर ट्रेन के सामने आई 12 गाय एवं गोवंश की दुर्घटना में मौत।

रिपोर्ट बी एल कसौधन

*गोण्डा जनपद में मध्यरात्रि छपरा ग्वालियर ट्रेन के सामने आई 12 गाय एवं गोवंश की दुर्घटना में मौत*

गोण्डा के कर्नलगंज में शुक्रवार की मध्यरात्रि छपरा ग्वालियर ट्रेन के सामने आई 12 गाय एवं गोवंश की दुर्घटना में मौत हो गई। वहीं तीन गाय गंभीर रूप से घायल हो गई। सुबह ग्रामीणों ने गायों के क्षत-विक्षत शव को देखकर इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन को दी।
उसके बाद मौके पर उप जिलाधिकारी ज्ञान चंद गुप्ता एवं पुलिस उपाधीक्षक जितेंद्र कुमार दुबे, कोतवाल राजेश कुमार सिंह, कोतवाल कटरा बाजार मनोज सिंह भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
उसके बाद घटनास्थल का निरीक्षण करने स्वयं पुलिस अधीक्षक आरके नय्यर पहुंच गए।
एसपी ने अपने ही सामने मृत हुई गायों का पोस्टमार्टम कराकर उनके शव को दफन कराया और घायल गायों का इलाज कराया। शुक्रवार की रात लखनऊ से गोंडा की ओर जाने वाली छपरा ग्वालियर ट्रेन की चपेट में आकर 12 गोवंशों की मौत हो गई और दो गोवंश घायल हो गए। यह दुर्घटना पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ-गोंडा रेल खण्ड करनैलगंज व सरयू स्टेशन के बीच गेट संख्या 286 कटरा शहबाजपुर के पास बीती रात हुई। रात 11 बजे छपरा ग्वालियर एक्सप्रेस डाउन ट्रेन गुजर रही थी कि अचानक गोवंश उसकी चपेट में आ गए।
इस हादसे में 12 गोवंशों की मौत हो गई, जबकि 3 गोवंश घायल हो गए। बताया जाता है कि दुर्घटना के बाद ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। सुबह इसकी सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक आर के नय्यर करीब तीन घण्टे तक मौके पर जमे रहे और अपने सामने ही पुलिस कर्मियों व सफाई कर्मियों को लगाकर गायों के शव को एकत्र कराया। उनके साथ ही एसडीएम व सीओ समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि कुल नौ गोवंश की मौत हुई है। शव क्षत विक्षत होने के कारण गिनती करने में पहले दिक्कत आई मगर बाद में एकत्र कराने पर उनकी संख्या नौ हुई।
मृत गोवंशों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें दफन कराया जाएगा और घायल गोवंशों के बेहतर इलाज तथा देखभाल के लिए पशु विभाग को जिम्मेदारी दी गई है।
उन्होंने बताया कि पशु डॉक्टरों की टीम मौके पर है और घायल गोवंशों का इलाज डाक्टरों द्वारा किया जा रहा है।
शुक्रवार की रात रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की चपेट में आई एक दर्जन गायों की कटने के बाद गौ रक्षक होने का दावा करने वाले लोग कहीं दूर दूर तक नजर नहीं आए। वही पुलिस कर्मियों ने असल में गौ रक्षक होने का की मिसाल पेश की।
गायों के क्षत विक्षत शवों को पुलिस कर्मियों ने अपने हाथों से उठाकर एकत्र किया और पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें दफनाया।
पुलिस अधीक्षक आर के नैय्यर स्वयं मौके पर मौजूद रहकर पुलिस कर्मियों को इस कार्य के लिए प्रेरित किया।

रिपोर्ट-भरत कसौधन(मोहित गुप्ता)
ब्यूरो चीफ गोण्डा

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