सिंगाही खीरी

सिंगाही खीरी :- शासन ने विभागीय कामकाज को गति दिलाने के उद्देश्य से स्थानांतरण नीति बनाई है।

संवादाता रिजवान अली की रिपोर्ट।

संवाददाता। रिजवान अली

सिंगाही खीरी। शासन ने विभागीय कामकाज को गति दिलाने के उद्देश्य से स्थानांतरण नीति बनाई है। जिसके तहत लंबे समय से एक ही स्थान पर डटे कर्मचारियों को हटाया जा सके । वहीं, वन एक ऐसा विभाग है जहां दरोगाओं को एक ही स्थल पर तैनात हुए दस से बीस वर्ष बीत गए हैं। ऐसे कर्मचारियों के स्थानांतरण पर कभी ध्यान नहीं दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक जिन कर्मचारियों को जिले व एक ही रेंज में ज्यादा समय हो गया है। उत्तर खीरी वन प्रभाग के बेलरायां रेंज में दशकों से तैनात बाबू से बने वन दरोगा किशन पर तबादला नीति आयोग के सभी आदेश मानो धरे के धरे रह जाते हैं मिली जानकारी के अनुसार एक ही रेन्ज में वन दरोगा लगभग पच्चीस साल से जमे हुये हैं सूत्रों की माने तो इनका तबादला होना एक टेढ़ी खीर है क्योंकि यह विभाग के अधिकारियों के लिये एक कमाऊ पूत जरिया बने हुये हैं। सपा सरकार में अफसरों ने मनचाही तैनाती पाकर खूब चांदी काटी। अब बीजेपी सरकार में भी एक ही जगह पर मलाई काट रहे हैं। इनके संरक्षण में इलाके के वन माफिया वन सम्पदा पर बेखौफ होकर अपना आरा चला रहे हैं कुछ जानकार बताते हैं की यह रेंज कार्यालय में बैठकर लकड़ी की ठेकेदारी सम्भाले हुये हैं एक ही जगह पर रहते हुये वन संपदा का इस्तेमाल कर काली कमाई के कुबेर बने वन दरोगा रेंज में रहते रहते लाखों की सम्पत्ति अपने व अपने परिवार के सदस्यों के नाम कर ली है वन दरोगा ने कस्बे में अपनी पत्नी के नाम से एक निजी स्कूल भी खोल रखा है अब देखना यह दिलचस्प होगा की उच्चाधिकारी खबर का संज्ञान लेकर क्या कुछ कार्यवाही करते हैं
इस सम्बंध में जब स्थानीय वन रेंज अधिकारी दिनेश बंडोला से बात की गई तो उन्होंने बताया की यह मामला उच्च अधिकारियों के स्तर का है मुझे इस मामले में जानकारी नहीं है

बेनकाब भ्रष्टाचार

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